होम लोन EMI कैलकुलेटर — EMI कैसे निकालें
EMI (Equated Monthly Installment) वह तय रकम है जो आप हर महीने बैंक को चुकाते हैं। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। नीचे समझें कि यह कैसे तय होती है — और प्रीपेमेंट से कितनी बचत संभव है।
हमारा इंटरैक्टिव कैलकुलेटर और प्रीपेमेंट सिम्युलेटर (अंग्रेज़ी में) इस्तेमाल करें:
EMI कैलकुलेटर खोलें →EMI का फॉर्मूला
EMI = [P × R × (1+R)^N] / [(1+R)^N − 1]
यहाँ P = मूलधन (loan amount), R = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100), और N = कुल महीनों की संख्या (अवधि × 12)।
उदाहरण: ₹50 लाख, 20 साल, 8.5%
ध्यान दें — 20 साल में आप ₹50 लाख उधार लेकर लगभग ₹54.14 L सिर्फ़ ब्याज में चुकाते हैं। यहीं प्रीपेमेंट की ताक़त काम आती है।
प्रीपेमेंट से बचत
हर महीने सिर्फ़ ₹10,000 अतिरिक्त मूलधन में डालने से आप 20 साल का लोन लगभग 6–8 साल पहले खत्म कर सकते हैं और ₹15–25 लाख तक ब्याज बचा सकते हैं। सटीक आँकड़े देखने के लिए हमारा प्रीपेमेंट सिम्युलेटर इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
₹50 लाख के होम लोन की EMI कितनी होगी?
8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए ₹50 लाख के लोन की EMI लगभग ₹43,391 प्रति माह होती है। 30 साल के लिए यह घटकर लगभग ₹38,446 हो जाती है, पर कुल ब्याज काफ़ी बढ़ जाता है।
EMI कैसे कैलकुलेट होती है?
EMI = [P × R × (1+R)^N] / [(1+R)^N − 1], जहाँ P मूलधन है, R मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100) है, और N महीनों की संख्या है। शुरुआती सालों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, मूलधन में कम।
क्या लंबी अवधि (tenure) चुनना सही है?
लंबी अवधि से मासिक EMI कम होती है पर कुल ब्याज बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। छोटी अवधि से EMI बढ़ती है पर आप लाखों रुपये ब्याज बचाते हैं। अपनी क्षमता और बचत के बीच संतुलन रखें।